खेती में कीटनाशकों का इस्तेमाल अब आम बात हो गई है, खासकर कपास और सब्जियों जैसी फसलों में। लेकिन रासायनिक कीटनाशकों का लगातार उपयोग न केवल खेती की लागत बढ़ाता है, बल्कि इससे किसानों की सेहत और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे समय में नीम आधारित देसी कीटनाशक एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प के रूप में सामने आया है। यह न सिर्फ कीटों पर असरदार है, बल्कि मिट्टी, फसल और किसान तीनों के लिए सुरक्षित भी है।
नीम से प्राकृतिक कीटनाशक: खेतों को सुरक्षित रखने वाला देसी तरीका
नीम को आयुर्वेद में “प्राकृतिक वैद्य” कहा जाता है, क्योंकि इसकी हर चीज़ पत्तियां, निबोली, तना और छिलका फायदे से भरे होते हैं। खेती के लिए भी नीम बहुत काम का है। इससे बना घरेलू कीटनाशक न सिर्फ सस्ता पड़ता है, बल्कि केमिकल वाले कीटनाशकों से कहीं ज्यादा सुरक्षित और असरदार होता है।
घर पर ही बनाएं जैविक कीटनाशक
अगर आप फसल को बिना केमिकल के बचाना चाहते हैं, तो नीम से बना घरेलू कीटनाशक की सरल प्रक्रिया:
इसे बनाने के लिए नीम की पत्तियां 5 किलो, 1 किलो निबोली, 10 किलो छाछ, 2 किलो गोमूत्र, 1 किलो पीसा हुआ लहसुन, 10 लीटर पानी, 80 मि.ली. टीपोल और 200 मि.ली. साबुन लें। सारी चीज़ों को मिलाकर किसी बड़े बर्तन में भरें, ढककर रखें और 5 दिन तक रोज 2-3 बार लकड़ी से हिलाएं। जब मिश्रण दूधिया रंग का हो जाए, तब इसमें टीपोल और साबुन मिलाएं। अब यह जैविक कीटनाशक तैयार है – छिड़काव पंप में भरकर फसलों पर छिड़कें और कीटों से प्राकृतिक सुरक्षा पाएं।
नीम से बनाएं जैविक खाद
- नीम की पत्तियां और निबोलियां गोबर के साथ खाद के गड्ढे में डालें। इससे जल्दी बढ़िया कंपोस्ट खाद बनती है।
- इससे रासायनिक खाद कम लगेगी। जिससे खर्च भी कम होगा।
- आपकी फसल की सेहत और अच्छी क्वालिटी की होगी।
- पैदावार बढ़ेगी और साथ ही मिट्टी भी तंदुरुस्त और खुशहाल रहेगी।
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