आजकल खेती में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। जिससे खेतों में आसानी से खाद, बीज और कीटनाशक छिड़का जा सकता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। ड्रोन ऊंचाई से खेत की तस्वीरें भी ले सकता है, जिससे पता चलता है कि कौन-से हिस्से में फसल कमजोर है या कहाँ ज्यादा पानी चाहिए। इससे किसान सही समय पर सही फैसला ले सकते हैं। असली जीवन में, कई किसान ड्रोन की मदद से बड़े खेतों में कम समय में छिड़काव करके ज्यादा फसल उगा रहे हैं। यह तरीका खासतौर पर बड़े खेतों और कठिन इलाकों में बहुत मदद करता है।यहाँ खेती में ड्रोन इस्तेमाल करने के कुछ आसान और असरदार तरीके दिए गए हैं, जिनसे न सिर्फ कमाई बढ़ेगी बल्कि मुनाफा भी:
- फसल पर निगरानी (Crop Monitoring): फसल पर निगरानी का मतलब है खेत में फसलों की देखभाल करना और उनकी हालत पर नजर रखना। इससे किसान जान सकते हैं कि पौधे ठीक से बढ़ रहे हैं या नहीं, कहीं बीमारी तो नहीं है, या पानी और खाद की जरूरत है। ड्रोन की मदद से किसान आसानी से फसलों की निगरानी कर सकते हैं। इससे समय पर सही फैसले लेकर फसल को बचाया जा सकता है और अच्छी पैदावार मिल सकती है।
- कीटनाशक और खाद का छिड़काव (Spraying): ड्रोन से कीटनाशक और खाद का छिड़काव एक आधुनिक तरीका है जिससे किसान अपने खेतों में दवाएं और खाद आसानी से और जल्दी छिड़क सकते हैं। ड्रोन उड़कर फसल के ऊपर से कीटनाशक और खाद छिड़कता है, जिससे कीड़े मरते हैं और पौधों को जरूरी पोषण मिलता है। यह तरीका हाथ से छिड़काव करने की तुलना में ज्यादा तेज़ और सही होता है। साथ ही, ड्रोन से छिड़काव करने से किसान का समय और मेहनत दोनों बचती है, और फसल की सुरक्षा बेहतर होती है।
- बीज बोना (Seed Sowing): ड्रोन उड़कर खेत में बीज छिड़कता है। इससे काम जल्दी और आसानी से होता है। बीज सही जगह और बराबर मात्रा में बोए जाते हैं। इससे किसान की मेहनत कम हो जाती है और फसल अच्छी होती है।
- फसल का सर्वे और रिपोर्टिंग : ड्रोन उड़कर खेत की तस्वीरें और वीडियो की मदद से खेत में फसलों की जानकारी इकट्ठा करता है जिससे किसान जान सकते हैं कि फसल कैसी है, कहीं बीमारी तो नहीं है, पानी की कमी तो नहीं है या कीड़े तो नहीं लगे हैं। इस जानकारी की मदद से किसान सही समय पर फसल की देखभाल कर सकते हैं और अच्छी पैदावार पा सकते हैं।