शिवपुरी (मध्यप्रदेश) – जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियान के तहत काम कर रहे युवाओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। प्रशासन ने सर्वे में लगे 1730 युवा सर्वेयर्स के मानदेय का भुगतान तेज़ी से शुरू कर दिया है। अब तक कुल ₹56,13,896 की राशि वेंडर के माध्यम से जनरेट की जा चुकी है। यह भुगतान जिले की सभी तहसीलों से प्राप्त सत्यापित सूचियों के आधार पर किया गया है।
बैराड़ तहसील में पहले ही हो चुका भुगतान
डिजिटल क्रॉप सर्वे में सबसे तेज़ प्रगति बैराड़ तहसील में देखने को मिली है, जहां 100 युवाओं को अब तक कुल ₹3,16,250 की मानदेय राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और युवाओं को समय पर मेहनताना मिले।
मानदेय का निर्धारण कैसे होता है?
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत काम कर रहे सर्वेयर्स को फसल का विवरण एकत्रित करने के लिए मानदेय (भुगतान) निम्नलिखित तरीके से दिया जा रहा है:
- प्रथम फसल दर्ज करने पर: ₹8 प्रति सर्वे नंबर
- प्रत्येक अतिरिक्त फसल दर्ज करने पर: ₹2 प्रति फसल
- अधिकतम राशि: ₹14 प्रति सर्वे नंबर तक सीमित
डिजिटल क्रॉप सर्वे का उद्देश्य क्या है?
- फसलों की सटीक डिजिटल मैपिंग करना।
- सरकारी योजनाओं और अनुदानों में पारदर्शिता लाना।
- प्रक्रिया को तेज और सही बनाना।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार देना।
- ग्रामीण क्षेत्रों से सीधे आंकड़े जुटाना।
युवाओं के लिए संदेश
- डिजिटल क्रॉप सर्वे में काम करने वाले युवा
- अपनी सत्यापित कार्य सूची के आधार पर
- मानदेय भुगतान की जानकारी
- अपने तहसील कार्यालय या
- संबंधित राजस्व निरीक्षक से प्राप्त कर सकते हैं।
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