गंधी बग और चूहों से धान की फसल की सुरक्षा: धान के खेतों में इस वक्त हरियाली लहलहा रही है। और बालियां भी निकलनी शुरू हो गई हैं। ये वो नाजुक मोड़ है जब किसान की महीनों की मेहनत रंग लाने लगती है। लेकिन अफ़सोस, इसी समय दो बड़े दुश्मन गंधी बग कीट और चूहे धान की फसल पर हमला बोल देते हैं। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो ये फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं, कैसे इनसे बचा जाए और अपनी मेहनत को बर्बाद होने से रोका जाए।
गंधी बग कीट: छोटा सा कीट, बड़ा नुकसान!
यह दिखने में भले ही छोटा हो, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा करता है। यह कीट धान की बालियों में बैठकर दानों का रस चूसता है, जिससे दाने अंदर से खोखले और कमजोर हो जाते हैं। इससे ना सिर्फ़ फसल की उत्पादकता घटती है, बल्कि क्वालिटी भी प्रभावित होती है।
गंधी बग की पहचान
- बालियों में छोटे भूरे या हरे रंग के कीट दिखाई देते हैं
- शरीर से तेज़ और अजीब सी गंध आती है
- दाने अंदर से खोखले या भुरभुरे हो जाते हैं
बचाव के उपाय:
- नीम का तेल (Neem Oil) बहुत असरदार होता है।
- 5 मिली नीम तेल प्रति लीटर पानी में मिलाएं और उसमें थोड़ा साबुन मिलाकर अच्छे से फेंटें।
- फसल पर छिड़काव करें — यह कीटों को भगाने का सुरक्षित तरीका है।
- खेत के आसपास के खरपतवार और झाड़ियाँ हटा दें, क्योंकि ये कीट वहीं छिपते हैं।
- कटाई के बाद खेत की गहरी जुताई करें ताकि कीटों के अंडे नष्ट हो जाएं।
चूहों का आतंक: फसल का सबसे चालाक दुश्मन
चूहे खेतों में हमेशा मौजूद रहते हैं, लेकिन जैसे ही बालियां निकलती हैं, इनकी गतिविधि और नुकसान दोनों बढ़ जाते हैं। पहले ये पौधों को नीचे से काटते हैं और फिर बालियों के दानों को कुतर देते हैं।
कितना नुकसान हो सकता है?
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, एक एकड़ में चूहे करीब 50 किलो तक धान को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सोचिए, अगर समय रहते उपाय न किए जाएं तो आपकी पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
चूहों से बचाव के आसान तरीके:
- चूहे तेज़ गंध से बचते हैं।
- पुदीना का तेल या कपूर के तेल की कुछ बूंदें बिल के पास या फसल के किनारों पर डालें।
- इससे चूहे वहां से भाग जाते हैं।
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