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Popular Kufri potato varieties for potato cultivation in India – भारत में आलू की खेती के लिए लोकप्रिय कुफरी किस्में

Potato cultivation India: भारत में आलू की खेती की 5 सबसे लोकप्रिय किस्में

Ashish Chouhan 4 months ago 0 7

Potato cultivation India: भारत में आलू की खेती सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि लाखों किसानों की आजीविका का मजबूत सहारा है। चाहे उत्तर भारत के खेत हों या पश्चिम और दक्षिण भारत की ज़मीन हर जगह आलू एक अहम फसल बन चुकी है। बीते कुछ वर्षों में वैज्ञानिकों और कृषि अनुसंधान संस्थानों ने किसानों की ज़रूरतों को समझते हुए आलू की कई नई और उन्नत किस्में तैयार की हैं। ये किस्में ना सिर्फ जल्दी तैयार होती हैं, बल्कि रोगों के प्रति भी ज्यादा प्रतिरोधक हैं और अच्छी उपज देती हैं। 

Potato cultivation India:भारत में बोई जाने वाली 5 प्रमुख आलू की किस्मों के बारे में

1. कुफरी जवाहर – जल्दी तैयार, जल्दी मुनाफा

कुफरी जवाहर एक जल्दी तैयार होने वाली किस्म है, जो सिर्फ 70-80 दिनों में खुदाई के लिए तैयार हो जाती है। इसके कंद गोल, चिकने और आकर्षक होते हैं जो बाजार में आसानी से बिक जाते हैं।

खासियतें:

  • सिर्फ 70-80 दिन में खुदाई के लिए तैयार।
  • बाजार में आसानी से बिकते हैं।
  • मंडी में जल्दी बेचकर अच्छा दाम मिलता है।
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार में खास पसंद।
  • किसानों के लिए फायदेमंद

2. कुफरी सिंधुरी – टिकाऊ और मजबूत

कुफरी सिंधुरी देर से पकने वाली किस्म है जो 100-120 दिनों में तैयार होती है। इसके कंद लाल रंग के होते हैं और यह शुष्क मौसम में भी अच्छी उपज देती है। मुख्य क्षेत्र: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल

खासियतें:

  • शुष्क मौसम में भी अच्छी उपज देती है
  • गुणवत्ता मजबूत और टिकाऊ होती है
  • लंबे समय तक स्टोर की जा सकती है, खराब नहीं होती

3. कुफरी बहार – उत्तर भारत की पसंदीदा किस्म

कुफरी बहार उत्तर भारत में लोकप्रिय किस्म है जो 90-100 दिनों में तैयार हो जाती है। इसमें रोगों के प्रति अच्छी प्रतिरोधकता है और इसकी उपज भी अच्छी होती है। मुख्य क्षेत्र: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर भारत

खासियतें:

  • सफेद और मध्यम आकार के कंद
  • अधिक उत्पादन देती है
  • रोगों से अच्छी सुरक्षा मिलती है

4. कुफरी चिप्सोना – प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए परफेक्ट

अगर आप आलू को चिप्स या फ्रेंच फ्राइज़ के लिए उगाना चाहते हैं, तो कुफरी चिप्सोना सबसे सही विकल्प है। इसमें शुगर की मात्रा कम होती है, जिससे तलने पर अच्छा रंग और स्वाद मिलता है। मुख्य क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश

खासियतें:

  • प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त
  • बड़े और गोल कंद
  • बेहतर बाजार मूल्य मिलता है

5. कुफरी लावकरा – छोटे किसानों के लिए वरदान

कुफरी लावकरा एक अत्यंत जल्दी तैयार होने वाली किस्म है जो सिर्फ 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है। यह छोटे किसानों के लिए बेहतरीन विकल्प है क्योंकि जल्दी उपज से जल्दी पैसा मिलता है। मुख्य क्षेत्र: गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र

खासियतें:

  • हल्के पीले रंग के कंद
  • जल्दी तैयार होने वाली फसल, जल्दी आमदनी
  • संतोषजनक उत्पादन

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