मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी घोषणा: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनेगा साल 2026
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया है। प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इस महोत्सव के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए सिंचाई, डेयरी उद्योग, कृषि बिजली और आधुनिक कृषि तकनीकों को मजबूत करने का एक नया रोडमैप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह किसानों को आधुनिक खेती और बेहतर बाजार से जोड़ने का एक बड़ा अभियान है। इसके तहत आगामी 13 नवंबर 2026 तक मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
डेयरी उद्योग के लिए बड़ी सौगात: 40 लाख की यूनिट पर 10 लाख का अनुदान
पशुपालकों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई शुरू करने पर सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के कुल दुग्ध उत्पादन को वर्तमान के लगभग 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ हुए समझौते के बाद पशुपालकों को दूध पर प्रति लीटर 8 से 10 रुपये तक का अतिरिक्त दाम हासिल हो रहा है।
किसानों को अब रात के बजाय दिन में मिलेगी कृषि बिजली
खेती-किसानी के काम को अधिक सुगम बनाने और रात के समय खेतों में होने वाले हादसों से बचाव के लिए सरकार ने एक और बड़ी पहल की है। अब किसानों को सिंचाई के लिए रात की जगह दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध करवाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सिंचाई क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती सिंचाई सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि साल 2003 तक प्रदेश का सिंचित क्षेत्र केवल 7.5 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। सरकार आने वाले समय में इसे और अधिक बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना को मील का पत्थर बताया, जिससे प्रदेश के 13 जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बेहतर होगी।
खेत से सीधे कारखाने और बाजार तक पहुंचेगी फसल
किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार ‘खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार’ की मजबूत कड़ियां जोड़ रही है। हाल ही में उज्जैन में स्थापित की गई 1250 करोड़ रुपये की आलू प्रोसेसिंग यूनिट इसका बड़ा उदाहरण है, जो प्रदेश के 32 जिलों के किसानों से आलू खरीदेगी और उन्हें स्थायी बाजार की सुरक्षा देगी।
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान की गई मुख्य घोषणाएं:
- डेयरी यूनिट पर सब्सिडी: 40 लाख रुपये तक की डेयरी लगाने पर सरकार देगी 10 लाख रुपये का अनुदान।
- दिन में बिजली आपूर्ति: किसानों को सिंचाई के लिए दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
- आधुनिक मंडी: इंदौर में एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त आधुनिक कृषि उपज मंडी विकसित होगी।
- गौशालाओं को मदद: गौशाला संचालकों को प्रति गौवंश मिलने वाला 40 रुपये प्रतिदिन का अनुदान आगे भी जारी रहेगा।
- फसलों की सुरक्षा: नीलगाय और अन्य जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू की जाएगी।
- स्वरोजगार का विस्तार: फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
एक ही स्थान पर किसानों को मिली 16 विभागों की जानकारी
इस महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा और राजस्व सहित 16 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स के जरिए किसानों को ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक कृषि, कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई उपकरण, कृषि ऋण और बीमा योजनाओं के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट काम करने वाले किसानों, उनके परिवार के मेधावी विद्यार्थियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।