अगर आप खेती से अच्छी कमाई करने का मन बना रहे हैं, तो काली मिर्च की खेती आपके लिए किसी बोनस से कम नहीं होगी। यूं ही नहीं इसे “मसालों की रानी” कहा जाता इसकी खुशबू, स्वाद और लगातार बढ़ती मांग इसे किसानों के लिए एक शानदार मौका बनाती है।
काली मिर्च की खेती क्यों है फायदेमंद?
- काली मिर्च का पौधा कई सालों तक फल देता है।
- देश हो या विदेश, इसकी कीमत और मांग बनी रहती है।
- थोड़ी सी जगह, आंशिक धूप में भी अच्छे से उगती है।
- आप खेत के अलावा गमलों, टेरेस या सीमित जगह पर भी उगा सकते हैं।
खेती की शुरुआत कैसे करें?
मिट्टी और खेत कैसे चुनें?
काली मिर्च के लिए लाल लेटराइट मिट्टी सबसे सही मानी जाती है। बस ध्यान रखें, मिट्टी का pH 5.5 से 6.5 के बीच हो। ये पौधा छांव और नमी में बेहतर बढ़ता है, इसलिए बहुत तेज धूप से इसे बचाना जरूरी है। अगर खेत में पेड़ों की हल्की छाया हो या आप शेड नेट लगाएं, तो और अच्छा रहेगा।
पौधा कैसे लगाएं?
बीज या कटिंग से। अगर बीज से लगाना हो तो बीजों को पहले कुछ घंटे पानी में भिगोकर अंकुरित करें। कटिंग के लिए 6-8 इंच लंबी हरी टहनी लें और उसे जैविक खाद मिली मिट्टी में लगाएं। पौधा लगाने के बाद हल्का पानी दें, लेकिन जलभराव न होने दें क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ें खराब हो सकती हैं।
सिंचाई और खाद कैसे दें?
पौधों को नियमित पानी देना जरूरी है, लेकिन ये भी ध्यान रखें कि पानी जमा न हो। हर 30 दिन में जैविक खाद डालें – जैसे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट आदि। अगर आपके पास ग्रीनहाउस या शेड नेट है, तो उससे पौधे और भी अच्छे से बढ़ते हैं।
तापमान और देखभाल
- काली मिर्च के लिए 25 से 32 डिग्री सेल्सियस का तापमान सबसे बढ़िया होता है।
- पौधों की समय-समय पर छंटाई करते रहें ताकि वे सही तरीके से बढ़ें।
- कीट और रोगों से बचाने के लिए नीम का तेल या जैविक स्प्रे का इस्तेमाल करें, ताकि पौधे स्वस्थ रहें।
फसल कटाई और बिक्री
- काली मिर्च का पौधा लगाकर करीब 3 साल बाद से फलना शुरू हो जाता है।
- ताजी मिर्च को लोकल मार्केट या एक्सपोर्ट में बेच सकते हैं।
- एक एकड़ से सालाना ₹2-4 लाख तक कमा सकते हैं।
और ये भी पढ़े:- मिनरल मिक्सचर से बढ़ेगी सेहत और कमाई, बकरी पालन में पोषण का नया मंत्र