सीडलैस नींबू की खेती
सीडलैस नींबू (यूरेका किस्म) की आधुनिक खेती अपनाकर न सिर्फ लाखों की कमाई की, बल्कि इलाके के सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणा भी बन गए हैं। सरकारी अनुदान और हाई डेंसिटी फार्मिंग के सहयोग से शुरू की गई यह बागवानी अब छह एकड़ में फैला एक सफल मॉडल बन चुकी है, जहां न सिर्फ नींबू की पैदावार होती है, बल्कि नर्सरी से भी अतिरिक्त आय होती है। कम पानी, कम मेहनत और बेहतर बाजार मूल्य के चलते यह खेती आज गांव से लेकर मंडियों तक चर्चा का विषय बनी हुई है।
यूरेका नींबू की खासियत क्या है?
- सीडलैस (बिना बीज के) होता है, जिससे होटल और मार्केट में भारी मांग है।
- कांटे रहित पेड़, यानी देखभाल आसान और जानवरों से नुकसान नहीं।
- हर पेड़ पर एक तुड़ाई में लगभग 50 किलो तक फल।
- अच्छी ग्राफ्टिंग से पेड़ ज्यादा फलदार और लंबे समय तक चलते हैं।
खेती की समय-सीमा और फसल का सीजन
- फूल आने का समय: मार्च-अप्रैल
- फल निकलने की शुरुआत: जून
- तुड़ाई का समय: जून से 10-15 अगस्त तक
- सर्दियों में भी फूल आते हैं, लेकिन किसान उन्हें नहीं तोड़ते क्योंकि मार्केट डिमांड कम होती है।
Video source :- @gaonjunctionofficial
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