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कम ज़मीन में मेथी की खेती करते किसान, हरी पत्तेदार फसल के साथ खेत में काम करता किसान

मेथी की खेती: छोटे किसानों के लिए बड़ा अवसर, कम ज़मीन में ज़्यादा आमदनी

Ashish Chouhan 6 months ago 0 12

सावन-भादो का मौसम मेथी की खेती के लिए बिलकुल उपयुक्त होता है। मेथी सिर्फ रसोई का स्वाद नहीं बढ़ाती, बल्कि किसानों के लिए अच्छी आमदनी का साधन भी बन सकती है। यह फसल कम ज़मीन और पानी में उग जाती है, इसलिए छोटे किसानों के लिए वरदान जैसी है।

मेथी की खेती के लिए खेत की तैयारी कैसे करें?

अगर आप जुलाई से अगस्त के बीच सब्ज़ी या पौधा लगाना चाहते हैं, तो ये सबसे सही समय है। पहले खेत या गमले की मिट्टी की एक-दो बार हल्की जुताई कर लें, ताकि वह भुरभुरी हो जाए। इसके बाद उसमें 2–3 गट्ठर गोबर की खाद अच्छे से मिला दें। मिट्टी अगर हल्की दोमट या बलुई हो तो सबसे बेहतर है। लेकिन अगर आपकी मिट्टी भारी है, तो उसमें थोड़ी रेत मिलाना फायदेमंद रहेगा, ताकि जल निकासी बनी रहे।

मेथी की खेती में बीज बुआई का सही तरीका

इसके लिए जुलाई से सितंबर का समय सबसे बढ़िया होता है। एक बीघा खेत के लिए 5 से 6 किलो बीज पर्याप्त हैं। बीजों को रातभर पानी में भिगोकर रखें, इससे अंकुरण तेज़ और अच्छा होगा। बुआई करते समय बीजों को 20–25 सेमी की दूरी पर छिड़कें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर ढक दें। इसके बाद हल्का पानी दें – ध्यान रखें कि मिट्टी ज्यादा गीली न हो। अगर बारिश हो रही है, तो अलग से सिंचाई की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

फसल की देखभाल और संरक्षण

  • जब मिट्टी सूख जाए, तब हफ्ते में एक बार सिंचाई करें।
  • खेत में पानी जमा न होने दें, नहीं तो जड़ें सड़ सकती हैं।
  • घास-फूस दिखे तो उसे हाथ से निकाल दें ताकि पौधों को पूरा पोषण मिले।
  • कीटों से बचाव के लिए महंगी दवाइयों की जरूरत नहीं, नीम की पत्तियों का काढ़ा छिड़कें।
  • यह तरीका सस्ता, प्राकृतिक और बहुत असरदार है।

खेती से कमाई और मुनाफा कितना होता है?

पहली बार 25–30 दिन में पत्तियाँ तोड़ सकते हैं, और इसके बाद हर 15–20 दिन में फिर से कटाई की जा सकती है। पूरी फसल 40–50 दिन में तैयार हो जाती है। एक बीघे से आपको करीब 3–4 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है।बाजार में हरी पत्तियाँ ₹20–30 प्रति किलो और मेथी दाना ₹70–80 प्रति किलो तक बिकता है।

सेहत और मिट्टी दोनों का फायदा

  • मेथी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • यह शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है।
  • पाचन प्रणाली को बेहतर बनाती है।
  • हड्डियों को मजबूत बनाती है।
  • मेथी की खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
  • इससे अगली फसल भी अच्छी होती है।
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