नंद बाबा दुग्ध मिशन: पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश के पशुपालकों और डेयरी किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को सीधे आर्थिक लाभ पहुँचाने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। हालिया जानकारी के अनुसार, इस मिशन के तहत प्रदेश के लगभग 1,200 लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सफलतापूर्वक भेजी गई है।
1,200 लाभार्थियों को मिला सीधा आर्थिक लाभ
इस योजना के मुख्य उद्देश्यों में से एक पशुपालकों को उनके श्रम का उचित मूल्य और वित्तीय सहायता प्रदान करना है। डीबीटी के जरिए राशि का हस्तांतरण यह सुनिश्चित करता है कि लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके खातों में पैसा मिले। 11 करोड़ रुपये की इस राशि का वितरण राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले उन 1,200 लाभार्थियों के बीच किया गया है, जो इस मिशन के मानकों को पूरा करते हैं। यह वित्तीय सहायता उनकी डेयरी गतिविधियों को विस्तार देने और पशुओं के रखरखाव में सहायक सिद्ध होगी।
डेयरी परियोजनाओं के लिए 13.5 करोड़ रुपये का आवंटन
पशुपालकों को मिलने वाली व्यक्तिगत सहायता के अलावा, सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख मंडलों में डेयरी से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी बड़ी गति दी है। इन तीन मंडलों में डेयरी परियोजनाओं के सुचारू संचालन और विकास के लिए 13.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस फंड का उपयोग दुग्ध प्रसंस्करण सुविधाओं को बेहतर बनाने और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इस निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास होगा और दुग्ध संग्रहण की व्यवस्था में सुधार आएगा।
22 नई समितियों के साथ जमीनी स्तर पर मजबूती
डेयरी क्षेत्र को अधिक संगठित और सशक्त बनाने के लिए प्रदेश में 22 नई दुग्ध समितियों की शुरुआत की गई है। ये समितियां गांव और पंचायत स्तर पर दूध के संकलन और विपणन में एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेंगी। नई समितियों के शुरू होने से अधिक से अधिक पशुपालक सहकारी ढांचे से जुड़ सकेंगे, जिससे उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य और बाजार तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। यह कदम जमीनी स्तर पर डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने और पशुपालकों को एकजुट करने के लिए उठाया गया है।
पशुपालकों का आर्थिक सशक्तिकरण
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत उठाए गए ये कदम उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लक्षित हैं। 11 करोड़ रुपये का सीधा लाभ और 13.5 करोड़ रुपये का निवेश यह दर्शाता है कि सरकार राज्य में डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की संभावना है, बल्कि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होने की उम्मीद है। समितियों के विस्तार और सरकारी निवेश के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को अधिक आधुनिक बनाने की यह मुहिम राज्य के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है।
