भारत के डेयरी क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। देश के पशुपालकों और डेयरी किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ (Rashtriya Gokul Mission) को विस्तार देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में डेयरी क्षेत्र में किसानों की भागीदारी और वित्तीय समावेशन को लेकर भी बेहद सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के विस्तार से मिलेगी मजबूती
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय गोकुल मिशन को आगे बढ़ाया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पशुओं की नस्ल में सुधार करना और दुग्ध उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री के अनुसार, सरकार की विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों के चलते डेयरी क्षेत्र न केवल मजबूत हो रहा है, बल्कि यह देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है। मिशन के विस्तार से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में दुग्ध उत्पादन में भारत अपनी स्थिति को और भी अधिक सुदृढ़ कर सकेगा।
4 साल में 3 गुना बढ़े KCC का लाभ लेने वाले डेयरी किसान
इस क्षेत्र की प्रगति का सबसे बड़ा प्रमाण किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के बढ़ते दायरे में देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 4 वर्षों के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठाने वाले डेयरी किसानों की संख्या में तीन गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि डेयरी किसान अब पहले के मुकाबले सरकारी वित्तीय योजनाओं और संस्थागत ऋण के प्रति अधिक जागरूक हुए हैं।
KCC के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता ने किसानों को अपनी कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद दी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की विभिन्न पहलों और सहायता कार्यक्रमों की वजह से डेयरी सेक्टर का आधार लगातार चौड़ा हो रहा है, जिससे छोटे और सीमांत पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
दुग्ध उत्पादन पर दिख रहा है योजनाओं का सकारात्मक असर
सरकार द्वारा डेयरी सेक्टर में किए जा रहे निवेश और सहायता का सीधा असर अब देश के कुल दूध उत्पादन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के कारण पशुपालकों को न केवल बेहतर तकनीक मिल रही है, बल्कि उन्हें आवश्यक वित्तीय पोषण भी प्राप्त हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, डेयरी क्षेत्र की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है, जो देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय, दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भविष्य की राह और सरकारी प्रयास
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया है कि सरकार की इन दूरगामी योजनाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों के कारण आने वाले समय में डेयरी क्षेत्र और भी अधिक संगठित और लाभप्रद बनेगा। राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाओं का विस्तार और KCC के लाभार्थियों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार डेयरी क्षेत्र को खेती के बराबर ही प्राथमिकता दे रही है। पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय डेयरी क्षेत्र की साख बढ़ा रहे हैं।
