मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के किसानों के उज्ज्वल भविष्य और उनकी आर्थिक उन्नति को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया है। प्रदेश के कृषि परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि उनके प्रशासन की हर नीति और हर निर्णय के केंद्र में केवल किसान और उनका कल्याण ही रहेगा। हाल ही में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी उन्नति के बिना प्रदेश की प्रगति की कल्पना अधूरी है।
दतिया से खरगोन: तकनीक के जरिए किसानों से जुड़ाव
27 जुलाई 2026 को एक विशेष अवसर देखा गया जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश के दतिया जिले में उपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर, खरगोन जिले में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने अपनी भौतिक दूरी को बाधक नहीं बनने दिया और दतिया से ही वर्चुअली इस महोत्सव में शिरकत की। तकनीक के माध्यम से मुख्यमंत्री का इस महोत्सव से जुड़ना यह दर्शाता है कि सरकार सुदूर अंचलों में बैठे किसानों के साथ निरंतर संवाद और संपर्क बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
‘किसानों का कल्याण सर्वोपरि’ – मुख्यमंत्री का बड़ा संकल्प
महोत्सव के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार के लिए “किसानों का कल्याण सर्वोपरि” है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषक कल्याण की भावना ही शासन के कार्यों की मुख्य आधारशिला है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने कृषि और कृषकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए कल्याणकारी सोच को प्राथमिकता दी है। जब मुख्यमंत्री यह कहते हैं कि किसानों का हित सबसे ऊपर है, तो यह प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार उच्चतम स्तर पर गंभीरता से ले रही है।
बलराम कृषि महोत्सव: किसानों के सशक्तिकरण का मंच
खरगोन में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ राज्य के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। इस महोत्सव का उद्देश्य कृषि क्षेत्र की बारीकियों को समझना और किसानों को सरकार के दृष्टिकोण से अवगत कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस महोत्सव से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि राज्य प्रशासन कृषि उत्सवों को केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं मानता, बल्कि इन्हें किसानों के सशक्तिकरण और सूचना प्रसार का एक सशक्त जरिया बनाना चाहता है।
भोपाल और छिन्दवाड़ा तक पहुँचा संदेश
भोपाल और छिन्दवाड़ा से प्राप्त विवरणों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस वक्तव्य को कृषि जगत में काफी सराहा जा रहा है। सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि कृषि आधारित इस प्रदेश में किसान ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। दतिया से खरगोन तक के इस वर्चुअल जुड़ाव ने यह साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री स्वयं कृषि क्षेत्र की गतिविधियों और किसानों की ज़रूरतों पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री के इस संबोधन ने यह साफ़ कर दिया है कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों की भलाई के लिए समर्पित है और उनका सर्वांगीण विकास ही राज्य का सबसे मुख्य एजेंडा है।
