नर्मदापुरम जिले में पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब उन्नत और नकदी फसलों की ओर किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए प्रशासन सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में, किसानों की आय को दोगुना करने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नर्मदापुरम में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र के किसान आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध हो सकें।
जिला स्तरीय सेमिनार का सफल आयोजन
25 जुलाई 2026 को नर्मदापुरम जिले के बाबई (माखन नगर) स्थित एम.पी. एग्रो फार्म में एक विशेष जिला स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मखाना की खेती और उसकी बारीकियों से अवगत कराना था। यह आयोजन जिला प्रशासन के साथ-साथ उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग, नर्मदापुरम के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों के साथ मखाना उत्पादन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मखाना हार्वेस्टिंग पर विशेष प्रशिक्षण
इस सेमिनार का मुख्य केंद्र ‘मखाना की हार्वेस्टिंग’ (फसल की कटाई) रहा। मखाना की खेती में सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक उसकी सही समय पर और सही तकनीक से कटाई करना है। एम.पी. एग्रो फार्म में आयोजित इस सत्र के दौरान किसानों को फसल कटाई की उन्नत विधियों के बारे में जानकारी दी गई। मखाना की फसल से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए हार्वेस्टिंग की तकनीक का सही होना अनिवार्य है, और इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने किसानों को व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
किसानों की आय बढ़ाने की नई दिशा
नर्मदापुरम जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग का मानना है कि मखाना उत्पादन क्षेत्र के किसानों के लिए आय का एक नया और मजबूत स्रोत बन सकता है। पारंपरिक फसलों के मुकाबले मखाना जैसी फसलों में मुनाफे की संभावनाएं काफी अधिक देखी जा रही हैं। उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है ताकि जिले के किसान नई तकनीकों और फसलों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें।
उद्यानिकी विभाग की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि विभाग किस तरह से मखाना उत्पादन में किसानों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। सेमिनार के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों और सही मार्गदर्शन के साथ मखाना की खेती करते हैं, तो वे अपनी लागत को कम करते हुए बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
इस प्रकार के जिला स्तरीय सेमिनार न केवल किसानों को शिक्षित करते हैं, बल्कि उन्हें नई फसलों के प्रयोग के लिए प्रेरित भी करते हैं। नर्मदापुरम जिले में मखाना उत्पादन की दिशा में बढ़ते ये कदम आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
