बरेली मंडी में आयुक्त का औचक निरीक्षण: किसानों और व्यापारियों की सुनीं समस्याएं, व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश
कृषि उपज मंडियों में किसानों की सुविधाओं और पारदर्शी व्यापार सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में बरेली मंडी में उस समय हड़कंप मच गया जब मंडी बोर्ड के आयुक्त-सह-प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम ने वहां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मंडी की वर्तमान कार्यप्रणाली का जायजा लेना और जमीनी स्तर पर किसानों व व्यापारियों को आ रही समस्याओं को समझना था।
मंडी बोर्ड आयुक्त का औचक दौरा
शुक्रवार, 15 अगस्त 2026 को बरेली मंडी पहुंचे मंडी बोर्ड के आयुक्त श्री कुमार पुरुषोत्तम ने बिना किसी पूर्व सूचना के मंडी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मंडी की दैनिक व्यवस्थाएं सामान्य रूप से कैसे संचालित हो रही हैं। आयुक्त ने मंडी के विभिन्न अनुभागों का भ्रमण किया और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी प्रशासन की उपस्थिति और कार्यों की समीक्षा भी की।
किसानों, व्यापारियों और हम्मालों से सीधा संवाद
निरीक्षण की सबसे खास बात यह रही कि आयुक्त ने केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा न करते हुए, सीधे मंडी के मुख्य हितधारकों से बातचीत की। उन्होंने मंडी में अपनी उपज लेकर आए किसानों से चर्चा की और उनसे नीलामी प्रक्रिया, तौल और भुगतान के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के सामने रखा, जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
किसानों के साथ-साथ श्री कुमार पुरुषोत्तम ने मंडी के व्यापारियों और हम्मालों (श्रमिकों) से भी संवाद किया। व्यापारियों ने व्यापारिक गतिविधियों के दौरान आने वाली बाधाओं और मंडी की ढांचागत व्यवस्थाओं पर अपने सुझाव दिए। वहीं, मंडी के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हम्मालों ने भी अपनी कार्य स्थितियों और समस्याओं के बारे में आयुक्त को अवगत कराया।
व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
सभी पक्षों की बातें सुनने और प्रत्यक्ष रूप से व्यवस्थाओं को देखने के बाद, मंडी बोर्ड आयुक्त ने मंडी प्रशासन को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी में किसानों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। श्री कुमार पुरुषोत्तम ने मंडी परिसर में स्वच्छता, पेयजल, छाया और सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडी सचिव और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंडी में आने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा नहीं होनी चाहिए और व्यापारिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहनी चाहिए। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उन्होंने समय-सीमा निर्धारित करते हुए आवश्यक सुधार करने को कहा है, ताकि भविष्य में होने वाले निरीक्षणों में स्थिति और बेहतर पाई जाए।
किसान हित सर्वोपरि का संदेश
इस दौरे के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सरकार और मंडी बोर्ड के लिए किसान हित सर्वोपरि है। मंडी बोर्ड के आला अधिकारी का खुद जमीन पर उतरकर समस्याओं को जानना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बरेली मंडी की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस औचक निरीक्षण से मंडी के कर्मचारियों और अधिकारियों में भी अनुशासन और सतर्कता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
