बिहार के अन्नदाताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मानसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ की मार झेलने वाले किसानों की आर्थिक मदद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ और बारिश से फसलों को हुए व्यापक नुकसान की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान राशि जारी करने की घोषणा की है। इस फैसले से उन लाखों किसानों को संबल मिलेगा जिनकी मेहनत की फसल प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ गई थी।
2.48 लाख किसानों के खातों में भेजी गई राशि
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक राज्य के लगभग 2.48 लाख किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए राशि जारी की जा चुकी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है ताकि सहायता राशि सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़े होना है और उनके वित्तीय बोझ को कम करना है।
अब तक कुल 726 करोड़ रुपये का वितरण
बाढ़ और अनियंत्रित बारिश से हुई क्षति का आकलन करने के बाद, सरकार ने अब तक कुल 726 करोड़ रुपये की राशि अन्नदाताओं के खातों में हस्तांतरित कर दी है। यह एक बड़ी राशि है जो बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था और किसानों की स्थिति में सुधार के लिए निवेश की गई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अनुदान का लाभ उन क्षेत्रों के किसानों को अधिक मिला है जहाँ नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और भारी वर्षा के कारण खरीफ फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुँचा था।
छूटे हुए किसानों के लिए चलेगा विशेष ‘ड्राइव’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुआवजे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि जो किसान तकनीकी कारणों या किसी अन्य वजह से अब तक राशि प्राप्त करने से छूट गए हैं, उनके लिए एक विशेष ‘ड्राइव’ (अभियान) चलाया जाए।
इस अभियान के माध्यम से प्रभावित किसानों की पहचान की जाएगी और उन्हें सूची में शामिल कर जल्द से जल्द सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का निर्देश है कि सूची को अपडेट किया जाए ताकि हर उस किसान तक मदद पहुंचे जिसने अपनी फसल खोई है।
बाढ़ और बारिश से खेती पर पड़ा था बुरा असर
गौरतलब है कि इस साल बिहार के कई जिलों में बाढ़ और असामान्य बारिश के कारण फसलों को गंभीर नुकसान हुआ था। विशेष रूप से निचले इलाकों में पानी भरने से धान और अन्य फसलों की बुआई प्रभावित हुई थी। किसानों को हुए इसी नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान की व्यवस्था की है। यह अनुदान बीज, खाद और अन्य इनपुट के लिए खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे किसान अगली फसल के लिए तैयारी कर सकें।
अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और सूची निर्माण में पूरी सावधानी बरती जाए। विशेष ड्राइव के माध्यम से वंचित किसानों का डेटा एकत्र कर उसे तत्काल पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया है। सरकार की इस पहल से उन किसानों में उम्मीद जगी है जो नुकसान के बाद आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे।
