मध्य प्रदेश में रबी सीजन 2026-27 की तैयारियां तेज, खाद और बीज वितरण पर बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश में आगामी रबी सीजन 2026-27 को लेकर सरकार और कृषि विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उन्हें लंबी कतारों से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। इस बैठक का मुख्य केंद्र किसानों को खाद वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाना और कृषि आदानों (Inputs) में होने वाली कालाबाजारी और मिलावटखोरी को रोकना था।
खाद वितरण के लिए नई व्यवस्था: घर बैठे मिलेगा टोकन
रबी सीजन के दौरान अक्सर खाद की दुकानों और वितरण केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जाती है, जिससे किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के रूप में सरकार ने रबी 2026-27 के लिए खाद टोकन वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को खाद के लिए घंटों लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, किसानों को अब घर बैठे ही खाद का टोकन उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि वितरण केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसानों को उनके समय के अनुसार खाद मिल सके। कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि टोकन वितरण की प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे वास्तविक किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद प्राप्त हो सके। इस पारदर्शी व्यवस्था से खाद की कालाबाजारी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
नकली खाद-बीज बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
खेती में गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद का होना सबसे महत्वपूर्ण है। अक्सर देखा गया है कि सीजन के समय कुछ असामाजिक तत्व और मुनाफाखोर नकली या निम्न स्तर के खाद और बीज बाजार में खपा देते हैं, जिससे किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस मुद्दे पर कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रबी 2026-27 के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद और बीज की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि कोई भी विक्रेता या संस्थान नकली खाद या बीज बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसानों को केवल प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि आदान ही प्राप्त हों। इसके लिए विभाग द्वारा सैंपलिंग और जांच की प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अमले को रबी सीजन के लिए अलर्ट रहने के निर्देश
रबी सीजन 2026-27 की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त ने विभाग के सभी अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा है। खाद और बीज की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर निगरानी रखने की योजना बनाई गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि बुवाई के समय किसानों को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरकों के स्टॉक की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि टोकन व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है। मध्य प्रदेश सरकार के इस कदम से राज्य के लाखों किसानों को राहत मिलने की संभावना है, जिससे वे बिना किसी मानसिक और शारीरिक परेशानी के अपनी रबी फसलों की बुवाई कर सकेंगे।

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