मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की महिलाओं और किसानों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए प्रदेश की कई प्रमुख योजनाओं के लिए खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश के विकास और सामाजिक सुरक्षा को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
लाडली बहनों के लिए बड़ी घोषणा: 2030-31 तक जारी रहेगी योजना
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि ‘लाडली बहना योजना’ को लंबे समय के लिए विस्तार दे दिया गया है। कैबिनेट के ताजा फैसले के अनुसार, अब यह योजना साल 2030-31 तक निरंतर जारी रहेगी। सरकार ने इस योजना की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश की लाखों महिलाओं में खुशी की लहर है, क्योंकि अब उन्हें अगले कई वर्षों तक इस योजना का लाभ मिलता रहेगा।
लाडली लक्ष्मी योजना और अन्य कल्याणकारी कार्यों के लिए बजट
महिलाओं के साथ-साथ प्रदेश की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी सरकार ने बड़े वित्तीय प्रावधान किए हैं। कैबिनेट ने ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ के सुचारू संचालन के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह फंड बेटियों की शिक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्यों को पूरा करने में खर्च किया जाएगा।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान पर विशेष ध्यान
खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशने के लिए सरकार ने अनुसंधान पर जोर दिया है। इसी कड़ी में, कैबिनेट ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान (Agriculture Education and Research) के लिए 870.16 करोड़ रुपये के बजट को अपनी स्वीकृति दी है। यह राशि कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में नई तकनीकों के विकास और किसानों को उन्नत शिक्षा प्रदान करने के काम आएगी, जिससे आने वाले समय में राज्य के कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’ को मिली हरी झंडी
पर्यावरण संरक्षण और मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी की सुरक्षा के लिए भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। कैबिनेट बैठक में नर्मदा संरक्षण के उद्देश्य से ‘नमन मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के माध्यम से नर्मदा नदी की स्वच्छता और इसके पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे।
भविष्य के विकास का रोडमैप
सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले दर्शाते हैं कि राज्य प्रशासन 2030-31 तक के एक दीर्घकालिक विजन के साथ काम कर रहा है। जहां एक ओर लाडली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट आवंटित करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है, वहीं कृषि अनुसंधान और नर्मदा संरक्षण जैसे विषय राज्य की बुनियादी मजबूती को दर्शाते हैं। इन योजनाओं के लिए आवंटित करोड़ों रुपये की यह राशि आने वाले सालों में प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित करेगी।
