मध्य प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी घोषणा: मुख्यमंत्री ने ‘कृषक कल्याण वर्ष’ पर दिया जोर
मध्य प्रदेश के कृषि परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना जिले में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को वर्चुअली संबोधित किया। 19 अगस्त 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों के उत्थान और कृषि क्षेत्र की प्रगति को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को साझा किया। मुख्यमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नए नवाचारों और कृषक कल्याण की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है।
गुना में बलराम कृषि महोत्सव का भव्य आयोजन
गुना जिले में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों और सरकारी प्रयासों से अवगत कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महोत्सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में किसानों का योगदान अतुलनीय है और उनके कल्याण के बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है मौजूदा वर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस घोषणा का सीधा अर्थ यह है कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान इस वर्ष ऐसी नीतियों और कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा जो सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक हों। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के तहत सरकार का लक्ष्य खेती को अधिक लाभप्रद बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के संकल्प
मुख्यमंत्री ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गुना के बलराम कृषि महोत्सव में उपस्थित जनसमूह और किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ केवल एक नाम नहीं है, बल्कि यह किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार निरंतर ऐसे प्रयास कर रही है जिससे कृषि क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
कृषि महोत्सवों की भूमिका और भविष्य की राह
बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए यह स्पष्ट होता है कि ये कार्यक्रम किसानों और प्रशासन के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। गुना में आयोजित इस महोत्सव ने स्थानीय किसानों को एक नई ऊर्जा दी है। मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअली जुड़कर किसानों का उत्साहवर्धन करना यह दर्शाता है कि तकनीक के माध्यम से सरकार अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रम प्रदेश के कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान करेंगे, जिससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि कृषक समुदाय का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित होगा।
