हरियाणा के किसानों के लिए रबी सीजन 2026-27 खुशियों की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। हरियाणा में अब किसानों को जैविक खाद (वर्मीकम्पोस्ट) की खरीद पर भारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सरकार का यह कदम न केवल खेती की लागत को घटाएगा, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
वर्मीकम्पोस्ट पर मिलेगी 80 प्रतिशत की भारी सब्सिडी
हरियाणा सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, किसानों को जैविक खाद यानी वर्मीकम्पोस्ट खरीदने के लिए अब अपनी जेब से पूरी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य सरकार ने इस पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि किसानों को जैविक खाद का एक बड़ा हिस्सा सरकारी सहायता के रूप में मिलेगा, जिससे उनके ऊपर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।
यह सब्सिडी रबी सीजन 2026-27 के लिए विशेष रूप से प्रभावी होगी। सिरसा सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों के किसानों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे रासायनिक खादों पर अपनी निर्भरता कम करें और जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करना है।
‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
सरकार की इस लाभकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो नियमों का पालन करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, जैविक खाद पर मिलने वाली इस 80 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसानों का ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक एकीकृत मंच है जहां उन्हें अपनी फसल और भूमि का विवरण दर्ज करना होता है।
जिन किसानों ने अभी तक इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कर लें। बिना पंजीकरण के इस सरकारी सहायता का लाभ लेना संभव नहीं होगा। पोर्टल के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि सब्सिडी का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
जैविक खेती और रबी सीजन की तैयारी
रबी सीजन 2026-27 की शुरुआत से पहले किसानों के लिए यह घोषणा काफी अहम मानी जा रही है। वर्मीकम्पोस्ट जैसी जैविक खाद मिट्टी की उर्वरक शक्ति को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाती है। जब किसानों को इस पर 80 प्रतिशत जैसी बड़ी सब्सिडी मिलेगी, तो अधिक से अधिक किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
सरकार के इस फैसले से हरियाणा के कृषि परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। सिरसा और आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए जैविक खाद को सस्ता बनाना खेती को स्थायी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। किसानों को चाहिए कि वे सरकारी पोर्टल पर अपनी फसल का विवरण दर्ज कर इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और रबी की फसलों के लिए बेहतर तैयारी करें।
