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त्योहारी सीजन में सब्जियों की महंगाई: टमाटर-प्याज के दाम बढ़े

Sonal Shah 9 hours ago 0 0

भारत में त्योहारों का सीजन शुरू होते ही आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ना शुरू हो गया है। दिल्ली से लेकर तेलंगाना तक, देश के विभिन्न हिस्सों में सब्जियों की आसमान छूती कीमतों ने रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मंडियों में सब्जियों की आवक कम होने और मांग बढ़ने की वजह से कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा असर टमाटर और प्याज की कीमतों पर पड़ा है, जिससे आम उपभोक्ता काफी परेशान हैं।

टमाटर की कीमतों में 150 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सब्जी बाजार में टमाटर की कीमतों ने सबसे ज्यादा चौंकाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर के दामों में 150 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां कुछ समय पहले टमाटर के दाम सामान्य थे, वहीं अब यह आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। त्योहारों के समय जब सब्जियों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में टमाटर जैसी अनिवार्य सब्जी का इतना महंगा होना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

दिल्ली के बाजारों में सब्जियों के ताज़ा भाव

देश की राजधानी दिल्ली में सब्जियों की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में परवल और भिंडी जैसी हरी सब्जियों के दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, टमाटर की बात करें तो दिल्ली में यह 40 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे बड़े महानगर में मांग के मुकाबले आपूर्ति में आई कमी ने इन कीमतों को हवा दी है। त्योहारों की वजह से घरों में पकवानों का दौर शुरू होने वाला है, लेकिन सब्जियों की ये कीमतें इस उत्सव के स्वाद को फीका कर रही हैं।

तेलंगाना और अन्य राज्यों में प्याज की बढ़ती कीमतें

महंगाई का यह असर सिर्फ उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारत के राज्यों में भी स्थिति चिंताजनक है। तेलंगाना में टमाटर के साथ-साथ प्याज की कीमतों में भी भारी तेजी देखी जा रही है। बाजार में प्याज की कीमत 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। प्याज भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है और इसकी बढ़ती कीमतों का सीधा असर भोजन की थाली पर पड़ रहा है। तेलंगाना के बाजारों में भी आवक की कमी को कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

कीमतों में उछाल के मुख्य कारण

सब्जियों के दामों में अचानक आई इस तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण जिम्मेदार हैं। सोर्स के अनुसार, निम्नलिखित कारणों ने बाजार का समीकरण बिगाड़ दिया है:

  • फसलों को नुकसान: अत्यधिक बारिश और मौसम के मिजाज ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे उत्पादन पर विपरीत असर पड़ा है।
  • सप्लाई में कमी: बारिश के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स में आई बाधाओं ने मुख्य मंडियों तक सब्जियों की सप्लाई को कम कर दिया है।
  • कम आवक: मंडियों में किसानों और व्यापारियों द्वारा लाई जाने वाली सब्जियों की मात्रा (आवक) पिछले महीनों के मुकाबले काफी कम रही है।
  • त्योहारी मांग: सीजन के दौरान अचानक बढ़ी मांग और कम आपूर्ति के बीच के अंतर ने कीमतों को 150 फीसदी तक बढ़ा दिया है।

कुल मिलाकर, खराब मौसम और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं ने त्योहारों के इस मौसम में सब्जियों को महंगा कर दिया है। फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और आम जनता को इस महंगाई के साथ ही अपना बजट तालमेल बिठाना पड़ रहा है।

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