आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। दैनिक जीवन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मिठास, यानी चीनी और गुड़ की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में इन आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। खाने-पीने की चीजों में बढ़ती महंगाई के बीच अब मीठे का स्वाद चखना भी आम जनता के लिए जेब पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।
चीनी की कीमतों में भारी उछाल: 53 से सीधे 70 रुपये पर पहुंचा भाव
बाजार से मिल रही ताज़ा जानकारी के अनुसार, चीनी की कीमतों में एक बड़ा अंतर दर्ज किया गया है। कुछ समय पहले तक जो चीनी बाजार में 53 रुपये प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। चीनी के दामों में आई इस अचानक तेजी ने घर की रसोई से लेकर हलवाई की दुकानों तक, हर जगह खलबली मचा दी है। चीनी की यह बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर आम आदमी की चाय और अन्य मीठे व्यंजनों की लागत को बढ़ा रही हैं।
गुड़ भी हुआ कड़वा, 40 रुपये तक की हुई बढ़ोतरी
सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि गुड़ के शौकीनों को भी अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। चीनी के बाद अब गुड़ के भाव ने भी लंबी छलांग लगाई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुड़ की कीमतों में 40 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है। गुड़ को चीनी के एक स्वस्थ विकल्प के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसकी कीमतों में आई इस भारी तेजी ने इसे भी मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में गुड़ की मांग काफी रहती है, ऐसे में 40 रुपये की यह बढ़ोतरी एक बड़ा आर्थिक बोझ मानी जा रही है।
बताशे और नकुलदाना के दामों पर भी पड़ा असर
चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों का असर केवल इन्हीं दो उत्पादों तक सीमित नहीं है। इनसे तैयार होने वाले अन्य सह-उत्पादों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। बाजार में चीनी से बनने वाले बताशे और नकुलदाना के रेट भी चढ़ गए हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और त्योहारों में बताशे और नकुलदाना का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इनकी कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो इन वस्तुओं को नियमित रूप से या विशेष अवसरों पर खरीदते हैं। कच्चे माल (चीनी) के दाम बढ़ने के कारण विक्रेताओं ने इनके दामों में भी संशोधन कर दिया है।
आर्गेनिक गुड़ की बढ़ती मांग और उच्च कीमतें
महंगाई के इस दौर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद ‘आर्गेनिक गुड़’ भी काफी महंगा बिक रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में आर्गेनिक गुड़ की कीमत 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। हालांकि आर्गेनिक उत्पादों की कीमतें सामान्य उत्पादों से अधिक होती हैं, लेकिन 120 रुपये का यह भाव इसे एक प्रीमियम उत्पाद की श्रेणी में खड़ा कर देता है। शुद्धता और गुणवत्ता की तलाश करने वाले ग्राहकों के लिए अब आर्गेनिक गुड़ खरीदना एक महंगा सौदा साबित हो रहा है।
कुल मिलाकर, चीनी और गुड़ के बाजार में आई यह तेजी फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही है। 53 रुपये से 70 रुपये तक का चीनी का सफर और गुड़ की कीमतों में 40 रुपये का उछाल यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को अपनी मीठी जरूरतों के लिए और अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
