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झाबुआ में शेडनेट हाउस से खेती का नया मॉडल, कलेक्टर ने लिया जायजा

Sonal Shah 15 hours ago 0 0

झाबुआ जिले में कृषि के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक नवाचारों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को परखने के लिए प्रशासन द्वारा जमीनी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में, 22 अगस्त 2026 को झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य किसानों द्वारा अपनाई जा रही उन्नत खेती की तकनीकों और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत हुआ निरीक्षण

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट का यह दौरा ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और प्रशासन की पहुंच सीधे जनता तक सुनिश्चित करना है। ग्राम कोकवद में कलेक्टर ने प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचकर क्षेत्र में कृषि विकास की संभावनाओं को देखा। अभियान के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आधुनिक तकनीकें जैसे शेडनेट हाउस और मिश्रित फसल प्रणाली का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे।

किसान प्रभु भूरिया के खेत पर पहुंचे कलेक्टर

ग्राम कोकवद प्रवास के दौरान कलेक्टर ने विशेष रूप से प्रगतिशील कृषक श्री प्रभु भूरिया के प्रक्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्होंने किसान द्वारा तैयार किए गए शेडनेट हाउस का बारीकी से निरीक्षण किया। शेडनेट हाउस आधुनिक खेती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो फसलों को प्रतिकूल मौसम, तेज धूप और कीटों से बचाने में मदद करता है। कलेक्टर ने इस तकनीक के माध्यम से पैदा की जा रही फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी ली।

मिश्रित फसल और उद्यानिकी उत्पादन पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शेडनेट हाउस के साथ-साथ खेत में अपनाई जा रही मिश्रित फसल प्रणाली (Mixed Cropping) का भी जायजा लिया। मिश्रित खेती एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक ही समय पर एक ही भूमि पर दो या दो से अधिक फसलें उगाई जाती हैं। यह तकनीक न केवल मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि किसानों के लिए जोखिम को भी कम करती है।

कलेक्टर ने विशेष रूप से उद्यानिकी फसलों (Horticultural Crops) के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया। उद्यानिकी फसलें जैसे फल, सब्जियां और फूल, पारंपरिक अनाज वाली फसलों के मुकाबले किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। प्रभु भूरिया के खेत पर इन फसलों के सफल उत्पादन को देखकर कलेक्टर ने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित करने के संकेत दिए।

आधुनिक खेती से किसानों का बढ़ेगा आत्मविश्वास

कलेक्टर द्वारा किए गए इस निरीक्षण से यह स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन झाबुआ में कृषि के आधुनिकीकरण को लेकर गंभीर है। शेडनेट हाउस जैसी तकनीकें न केवल फसल सुरक्षा प्रदान करती हैं, बल्कि ऑफ-सीजन सब्जियों के उत्पादन में भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से जब जिला प्रमुख स्वयं खेतों तक पहुँचते हैं, तो इससे स्थानीय किसानों का मनोबल बढ़ता है और वे नई तकनीकों को अपनाने के लिए अधिक उत्साहित होते हैं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने फसलों की वर्तमान स्थिति और उत्पादन क्षमता को सराहा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उन्नत कृषि प्रणालियों को अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकते हैं। ग्राम कोकवद का यह दौरा जिले में आधुनिक खेती और उद्यानिकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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